ऑनलाइन क्लास से वंचित हो रहे बच्चे

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अशोक हॉल गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल पर अभिभावकों का आरोप
कोलकाता : वैश्‍विक महामारी कोविड-19 के प्रसार के बाद से ही छात्रों के पढ़ाई का माध्यम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बन गया है। स्कूलों की छुट्टियाँ लम्बी होती जा रही हैं, जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही भी है। दक्षिण कोलकाता के अशोक हॉल गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल पर अभिभावकों ने फीस न देने पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से निकालने का आरोप लगाया है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल की ओर से फीस के तहत समग्र रूप से उन चीजों का चार्ज माँगा जा रहा है, जिसका इस्तेमाल बच्चे कर भी नहीं रहे हैं। अभिभावक अश्विनी मिश्रा ने बताया कि स्कूल की ओर से बस फी, लेबोरेटरी फी, प्रैक्टिकल फी आदि की माँग की जा रही है। उनका कहना है कि कोविड की वजह से हर एक व्यक्ति की वित्तीय हालात सामान्य नहीं है। इसके बावजूद अभिभावक ट्यूशन फी देने के लिए तैयार हैं लेकिन स्कूल ट्यूशन फी के साथ ही अन्य चीजों का भी फी माँग रही है, जिससे अभिभावकों पर दवाब पड़ रहा है।

अश्विनी मिश्रा ने कहा कि उनके विरोध के बाद स्कूल ने ऑनलाइन क्लास से उनका अकाउंट बंद कर दिया है, जिसकी वजह से उनकी बेटी का क्लास बंद हो गया है। स्कूलों के इस रवैये से बच्चों के ऊपर मानसिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गैर कानूनी ढंग से स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को पढ़ाई से दूर रखते हुए ऑनलाइन क्लास से निकाल दिया है। अभिभावकों ने इसके लिए कानूनी सलाह के साथ आगे बढ़ने का निश्चय किया है। अभिभावक स्कूलों के इस रवैये पर लगाम लगाने के लिए तत्काल सीएम ममता बनर्जी व शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी से हस्तक्षेप की माँग कर रहे हैं। गौरतलब है कि अशोक हॉल ग्रुप स्कूल और जी. डी. बिरला के पैरेंट्स फोरम ने इसके अंर्तगत एक याचिका कोलकाता हाइकोर्ट में दायर की डाली थी, जिसकी सुनवाई में कोर्ट ने स्थग्नादेश जारी करते हुए 2 अगस्त तक बच्चों को पढ़ाई से बंचित करने पर रोक लगाई थी।

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