राज्यपाल को ममता की चेतावनी ‘उपाचार्यों के खिलाफ बोलने पर गरज उठेगा बंगाल’

कोलकाता : राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच विवादों का सिलसिला लगातार जारी है। पहले तो उपाचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक की अनुमति नहीं मिलने पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया था और अब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से राज्यपाल को चेतावनी दी गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्चुअल मीटिंग के लिए शिक्षा विभाग के नियम के तहत उपाचार्यों द्वारा उन्हें सूचित कर दिया गया था। फिर भी राज्यपाल एक ही सवाल कर रहे हैं। जरूरी है कि उपाचार्यों का राज्यपाल सम्मान करें। राज्यपाल के खिलाफ बोलने पर बंगाल गरज भी सकता है। बंगाल का इतिहास आंदोलन का रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल को अपनी पद की गरिमा का ध्यान रखना होगा। ऐसा लग रहा है जैसे राज्य सरकार उनकी नौकर है। सरकार कोरोना से लड़ेगी, राज्य का सारा काम देखेगी या राज्यपाल के सवालों का जवाब देती रहेगी। मैंने बुधवार को खुद उनसे फोन पर 4 बार बात की है। फिर भी उनका कहना कि राज्य सरकार की तरफ से उन्हें कोई जवाब नहीं दिया जाता, यह गलत है।

कोरोना चल रहा है, जरूरी है राज्यपाल अपना ध्यान रखें, मेंटल रिलैक्स करें

ममता बनर्जी ने कहा कि राज्यपाल एक पार्टी प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहे हैं। राज्यपाल के पद की एक गरिमा है। वह किसी पार्टी के प्रतिनिधि नहीं होते। राज्यपाल को इन सब बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि कोरोना चल रहा है। ऐसी स्थिति में आवश्यक है कि राज्यपाल अपनी सेहत का ध्यान रखें। अभी चुनाव में देरी है इसीलिए वे मेंटल रिलैक्स करें।

वर्क फ्राॅम होम पर सरकार दे रही जोर

ममता बनर्जी की तरफ से वर्क फ्राॅम होम पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीज की स्थिति ज्यादा चिंताजनक नहीं होती है तो उन्हें 14 दिनों के पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज करके घर पर चिकित्साधीन रहने के विकल्प पर विचार किया जा सकता है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में सप्ताह में 1 दिन सैनिटाइजेशन करना आवश्यक है। इसके अलावा 31 जुलाई तक सरकारी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारी आयेंगे। मुख्यमंत्री ने बहुमंजिली इमारतों में बढ़ रहे संक्रमण के मामलों को लेकर चिंता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बहुमंजिली इमारतों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके अलावा उन्होंने सरकारी अस्पताल आर. अहमद डेंटल काॅलेज को कोविड अस्पताल के रूप में तैयार किये जाने की भी घोषणा की।

क्वारंटाइन सेंटर्स को लेकर हो रहे विरोध पर भड़कीं मुख्यमंत्री

क्वारंटाइन सेंटर्स को लेकर सामने आ रहे कई आरोपों व जगह-जगह हो रहे विरोध पर मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार भगवान नहीं औऱ न ही कोई जादूगर है। लोगों को यह बात समझनी होगी। सरकार बिना किसी के सहयोग से लगातार कोरोना से लड़ाई लड़ रही है। नि:शुल्क चिकित्सा व्यवस्था, विभिन्न प्रकल्प के तहत रुपये, राशन व अम्फान सहायता राशि पहुँचाने का काम भी सरकार कर रही है। क्वारंटाइन सेंटर्स में लोगों के लिए सब तरह की व्यवस्था की गयी है, इसके बाद भी शिकायतों का आना ठीक नहीं है।

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