पंकजाकस्तूरी ने कोविड-19 मरीजों पर जिंगीवीर-एच के अंतरिम परिणामों की घोषणा की

तिरुवनंतपुम/कोलकाता : पंकजाकस्तूरी हर्बल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पीकेएचआईएल) ने कोविड-19 से पीड़ित मरीजों पर जिंगीवीर-एच के आशाजनक अंतरिम क्लिनिकल ट्रायल परिणामों की घोषणा की। पंकजाकस्तूरी हर्बल रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. जे. हरीन्द्रन नायर द्वारा विकसित, जिंगीवीर-एच एक हर्बो-मिनरल औषधि है, जिसे 7 पदार्थों के मिश्रण से तैयार किया गया है। इस घोषणा के साथ कंपनी को कोविड-19 जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए किफायती एवं स्केलेबल समाधान के रूप में आयुर्वेद की अपार संभावना को रेखांकित होने की उम्मीद है। पीकेएचआईएल के संस्थापक और प्रबंध निदेशक डॉ. जे. हरीन्द्रन नायर ने कहा कि आयुर्वेद की दैनिक एलर्जीज से लेकर ऑटोइम्यून बीमारियों जैसे अधिक जटिल रोगों के उपचार में सहायता की लंबी और कथ्यात्मक परंपरा है। अभी के समय में हमारी प्रतिरोधी क्षमता एक ऐसी बीमारी से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण है, जो एक वैश्विक महामारी का रूप ले चुकी है। विश्‍वास है कि आयुर्वेद में प्रभावी, किफायती और स्केलेबल उपचार विकसित करने में सहायता करने की शक्ति है। एक डबल-ब्लाइंड अध्ययन में पंकजकस्तूरी की नई औषधि जिंगीवीर-एच का महामारी के सहायक उपचार के रूप में 112 मरीजों पर और स्टैंडअलोन उपचार के रूप में अन्य 135 मरीजों पर क्लिनिकल ट्रायल हो रहा है। सहायक उपचार से गुजर रहे 96 मरीजों पर ट्रायल्स चल रहे हैं। इनमें से, 42 मरीजों के परिणामों को अंतरिम रिपोर्ट के रूप में प्रकाशित किया गया है। 42 मरीजों में से 22 मरीजों का जिंगीवीर-एच से उपचार किया गया और 20 का प्लेसिबो से उपचार किया गया।

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