Kolkata : पहले चिकित्सा में लापरवाही से मौत और फिर रुपये नहीं देने पर शव देने में बाधा!

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कोलकाता : कोरोना (Corona) काल में एक तरफ वॉरियर्स के तौर पर काम कर रहे चिकित्सकों को पूरा देश सलाम कर रहा है तो दूसरी तरफ इसी बीच कुछ अस्पतालों का अमानवीय चेहरा भी कई बार सामने आया है। ऐसी ही एक और घटना महानगर (Kolkata) में सामने आयी है। पहले तो चिकित्सा में लापरवाही के कारण बच्चे की मौत और फिर रुपये नहीं देने पर बच्चे का शव नहीं देने का आरोप एक नामी बेरसरकारी अस्पताल पर लगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आन्नदपुर के नानाडांगा के निवासी कौशिक एवं निशा चक्रवर्ती को जून महीने में एक बेटा हुआ था। जन्म के बाद से ही बच्चे के हार्ट में कोई समस्या थी। इसी कारण उसे बागुईआटी के नामी निजी अस्पताल में स्थानान्तरित किया गया था। परिवार वालों का आरोप है कि शुरू से ही बच्चे की सही तरीके से चिकित्सा नहीं की गयी। सिर्फ चिकित्सा का बिल बढ़ते गया।

आरोप यह भी है कि पहली बार 3 लाख 84 हजार रुपये बच्चे के परिजनों द्वारा दिया गया था लेकिन इसके बाद भी बच्चे की सही चिकित्सा नहीं की गयी। परिजनों का यह भी कहना है कि जब अस्पताल प्रबंधन को इस बारे में बताया गया तो उनकी तरफ से परिजनों को 6 लाख से ज्यादा रुपये का बिल थमा दिया गया। साथ ही रुपये जल्दी देने का दबाव भी बनाया गया। इसके बाद बुधवार को बच्चे की मौत हो गयी। आरोप है कि जब परिजन बच्चे का शव लेने पहुँचे को अस्पताल की तरफ से पहले उन्हें बिल का बकाया रुपया चुकाने को कहा गया। बिल नहीं देने पर बच्चे का शव ले जाने की इजाजत नहीं दी गयी। परिवार वालों का कहना है कि इसके बाद 20 हजार रुपये लेकर अस्पताल की तरफ बच्चे का शव ले जाने दिया गया। इस घटना ने एक बार राज्य की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है।

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