डा.एस.आनंद की कलम से व्यंग्य कविता ‘कितने अच्छे हैं ये!’

डॉ. एस. आनंद, वरिष्ठ साहित्यकार, कथाकार, पत्रकार, व्यंग्यकार
Advertisement

कितने अच्छे हैं ये!

ये बेचारे कितने अच्छे हैं
इनके सिर्फ नौ बच्चे हैं
मैंने कहा-भाई साहब!
आज के दौर में भी नौ बच्चे?
फिर भी आप मस्त हैं
इतने बे-गम है?
वे बोले, नहीं भाई
हम बे-गम कहां हैं?
मुझे बहुत अफसोस है
अभी दर्जन में तीन कम है!

● डा. एस. आनंद, वरिष्ठ साहित्यकार, कथाकार, पत्रकार, व्यंग्यकार

यह भी पढ़ें : डा.एस.आनंद की कलम से व्यंग्य चौपदा ‘पगडण्डी’

Advertisement
     

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here